हिमाचल कैबिनेट की बैठक शुक्रवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। कैबिनेट ने कोरोना वायरस की वजह से राज्य में लागू कर्फ्यू में ढील के समय को दो घंटे बढ़ाने का फैसला लिया है।
अब कर्फ्यू में सात घंटे की ढील रहेगी। ढील का समय संबंधित डीसी अपने स्तर पर निर्धारित करेंगे। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से कैबिनेट के इस फैसले की जानकारी दी। कहा कि कोविड-19 फंड में कर्मचारियों की ओर से दी जाने वाली राशि आयकर से मुक्त होगी। कौशल विकास के लिए सोलन के वाकनाघाट में संस्थान खोला जाएगा। इस पर 85 करोड़ खर्च होंगे। वहीं, मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना के तहत गैर कुशल कामगारों को 120 दिन का रोजगार दिया जाएगा।
बता दें हिमाचल में कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन के साथ कर्फ्यू भी लागू है। राज्य में अब तक 47 कोरोना पॉजिटिव मामले आ चुके हैं। सक्रिय मामलों की संख्या सात है। कोरोना से दो की मौत हुई है। 34 लोग स्वस्थ होकर घर चले गए हैं। चार लोग हिमाचल से बाहर चले गए हैं।
हिमाचल प्रदेश में महंगी हो गई शराब, सरकार ने लगाया कोविड सेस
शराब के दामों में भी बढ़ोतरी करने पर फैसला हुआ। शराब पर एडिशनल लाइसेंस फीस कोविड सेस लगाई गई है। इसकी दरें अलग-अलग हैं। दस रुपये प्रति बोतल, कैन बीयर पर पांच रुपये, विदेशी शराब जैसे स्कॉच पर 25 रुपये प्रति बोतल सेस लगाया गया है। इस सेस से 100 करोड़ की आमदनी होने की उम्मीद है। उद्योगों के द्वारा सैनिटाइजर बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाले स्पिरिट पर इंपोर्ट फीस को बढ़ाया गया है। 10.50 रुपये से इसे 15 रुपये प्रति बल्क लीटर करने का फैसला लिया गया है।
प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सोलन जिले के वाकनाघाट में एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक की ओर से वित्तीय सहायता दी जाएगी। एक्सीलेंस सेंटर में युवाओं को पर्यटन, आईटी और हॉस्पिटेलिटी के क्षेत्र में उच्च स्तरीय ट्रेनिंग दी जाएगी।
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